दैनिक करेंट अफेयर्स: शासन, विज्ञान और पर्यावरण
📅 तारीख: 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
आपकी दैनिक समाचार विश्लेषण में आपका स्वागत है। आज हम भारतीय शासन प्रणाली में एक बड़ी उपलब्धि, चिकित्सा विज्ञान में एक ऐतिहासिक सफलता, दक्षिण अमेरिका और हिमालय में पर्यावरण संकट, और अंतरिक्ष अन्वेषण में नासा के अगले बड़े कदम पर विस्तार से चर्चा करेंगे। आइए इन खबरों को गहराई से समझें।
1. सुशासन: प्रगति (PRAGATI) प्लेटफॉर्म की 50वीं बैठक
प्रधानमंत्री की प्रमुख पहल, 'सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन' (Pro-Active Governance and Timely Implementation - PRAGATI) ने हाल ही में अपनी 50वीं बैठक के सफल आयोजन के साथ एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। यह प्लेटफॉर्म सरकारी मशीनरी के भीतर बाधाओं को दूर करने और परियोजनाओं में देरी को कम करने में सहायक रहा है।
प्रगति (PRAGATI) क्या है?
इसे 25 मार्च 2015 को लॉन्च किया गया था। 'प्रगति' एक अनूठा एकीकृत और इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है। यह आम आदमी की शिकायतों को दूर करने और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की निगरानी करने के लिए बनाया गया है।
- तीन-स्तरीय प्रणाली (Three-tier system): इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्र सरकार के सचिव और राज्यों के मुख्य सचिव शामिल होते हैं।
- सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism): यह केंद्र और राज्य सरकारों के सर्वोच्च अधिकारियों को एक मंच पर लाता है, जिससे निर्णयों में तेजी आती है।
- तकनीक का उपयोग: यह तीन नवीनतम तकनीकों को एक साथ जोड़ता है: डिजिटल डेटा प्रबंधन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और भू-स्थानिक (Geo-spatial) तकनीक।
प्रगति (PRAGATI) प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1: PRAGATI का पूर्ण रूप क्या है?
उत्तर: सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन (Pro-Active Governance and Timely Implementation)।
प्रश्न 2: इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: जन शिकायतों का समाधान करना और प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों व परियोजनाओं की समीक्षा करना।
प्रश्न 3: प्रगति के माध्यम से केंद्र और राज्य के अधिकारियों के साथ सीधे कौन जुड़ता है?
उत्तर: भारत के प्रधानमंत्री।
2. चिकित्सा विज्ञान: मेनकेस रोग (Menkes Disease) का पहला इलाज
दुर्लभ आनुवंशिक विकारों से जूझ रहे परिवारों के लिए आशा की एक किरण जगी है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने हाल ही में Zycubo (कॉपर हिस्टिडिनेट) को मंजूरी दी है। यह बाल रोगियों में 'मेनकेस रोग' के लिए अनुमोदित पहला उपचार है। इससे पहले इस बीमारी का कोई विशिष्ट इलाज मौजूद नहीं था।
मेनकेस रोग क्या है?
मेनकेस रोग एक दुर्लभ, X-गुणसूत्र से जुड़ा (X-linked) विकार है जो शरीर में तांबे (Copper) के स्तर को प्रभावित करता है। तांबा हड्डियों के स्वास्थ्य, तंत्रिका कार्य और त्वचा/बालों के रंग के लिए आवश्यक है।
- कारण: यह ATP7A जीन में उत्परिवर्तन (mutation) के कारण होता है। यह जीन शरीर में तांबे के परिवहन को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार है।
- प्रभाव: इस म्यूटेशन के कारण मस्तिष्क और लिवर में तांबे की कमी हो जाती है, जबकि अन्य ऊतकों में यह असामान्य रूप से जमा हो जाता है।
- लक्षण: इसका सबसे विशिष्ट लक्षण "किंकी" (Kinky) या भंगुर बाल हैं, जो अक्सर रंगहीन या स्टील के रंग के होते हैं। अन्य लक्षणों में कमजोर मांसपेशियां, दौरे और विकासात्मक देरी शामिल हैं।
मेनकेस रोग प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1: मेनकेस रोग किस प्रकार का विकार है?
उत्तर: यह एक आनुवंशिक विकार है जो शरीर की तांबे (Copper) को संसाधित करने की क्षमता को प्रभावित करता है।
प्रश्न 2: कौन सा जीन उत्परिवर्तन इस रोग का कारण बनता है?
उत्तर: ATP7A जीन।
प्रश्न 3: इस रोग से जुड़ा विशिष्ट शारीरिक लक्षण क्या है?
उत्तर: मोटे, घुंघराले और भंगुर बाल (Kinky hair)।
3. अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण: अर्जेंटीना में जंगल की आग
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव विश्व स्तर पर तबाही मचा रहा है। अर्जेंटीना के पैटागोनिया (Patagonia) क्षेत्र में भयंकर जंगल की आग ने लगभग 12,000 हेक्टेयर झाड़ियों और देशी जंगलों को नष्ट कर दिया है। यह पर्यावरणीय आपदा दक्षिण अमेरिकी पारिस्थितिकी तंत्र की संवेदनशीलता को उजागर करती है।
अर्जेंटीना के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK)
अर्जेंटीना दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक विशाल देश है।
- भूगोल: यह 'सदर्न कोन' (Southern Cone) के एक बड़े हिस्से को कवर करता है। इसके पश्चिमी किनारे पर विशाल एंडीज पर्वत श्रृंखला स्थित है, जो चिली के साथ एक प्राकृतिक सीमा बनाती है।
- सीमाएं: यह पांच देशों के साथ अपनी सीमा साझा करता है: दक्षिण/पश्चिम में चिली, उत्तर में बोलीविया और पैराग्वे, और पूर्व में ब्राजील और उरुग्वे।
- अर्थव्यवस्था: यह एक वैश्विक कृषि शक्ति है, और सोयाबीन इसका प्राथमिक निर्यात उत्पाद है।
- राजधानी: ब्यूनस आयर्स।
अर्जेंटीना प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1: अर्जेंटीना का प्राथमिक कृषि उत्पाद क्या है?
उत्तर: सोयाबीन।
प्रश्न 2: अर्जेंटीना के पश्चिमी किनारे पर कौन सी पर्वत श्रृंखला है?
उत्तर: एंडीज पर्वतमाला।
4. कूटनीति: भारतीय राजनयिक को संयुक्त राष्ट्र में बड़ी जिम्मेदारी
वैश्विक सुरक्षा संवाद में भारत के बढ़ते कद के प्रमाण के रूप में, एक भारतीय राजनयिक, डी.बी. वेंकटेश वर्मा को संयुक्त राष्ट्र महासचिव द्वारा 2026-27 के कार्यकाल के लिए निरस्त्रीकरण मामलों पर सलाहकार बोर्ड (Advisory Board on Disarmament Matters) के अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है।
बोर्ड का महत्व: यह बोर्ड हथियार सीमा और निरस्त्रीकरण से संबंधित मामलों पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव को सलाह देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियारों के साथ-साथ पारंपरिक हथियार नियंत्रण भी शामिल है।
सलाहकार बोर्ड प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1: 2026-27 के लिए निरस्त्रीकरण मामलों पर सलाहकार बोर्ड की अध्यक्षता कौन करेगा?
उत्तर: डी.बी. वेंकटेश वर्मा।
प्रश्न 2: इस बोर्ड की प्राथमिक भूमिका क्या है?
उत्तर: निरस्त्रीकरण के मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव को सलाह देना।
5. पर्यावरण संकट: फूलों की घाटी में आग
भारत के सबसे प्राचीन प्राकृतिक आवासों में से एक, उत्तराखंड की फूलों की घाटी (Valley of Flowers National Park), भीषण जंगल की आग से जूझ रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग ने आग बुझाने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) से मदद मांगी है।
फूलों की घाटी के बारे में
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित, यह राष्ट्रीय उद्यान अपने स्थानिक अल्पाइन फूलों के घास के मैदानों और उत्कृष्ट प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।
- मान्यता: यह एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के साथ मिलकर, यह नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का मुख्य क्षेत्र (Core Zone) बनाता है।
- जैव विविधता:
- वनस्पति: यह ऑर्किड, पॉपपी, प्रिमुलस, गेंदा, डेज़ी और एनेमोन जैसे विदेशी फूलों की 600 से अधिक प्रजातियों का घर है। यह औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों से भी भरपूर है।
- जीव-जंतु: यहाँ ग्रे लंगूर, उड़ने वाली गिलहरी, हिमालयी नेवला, काला भालू, लाल लोमड़ी और हिम तेंदुआ (Snow Leopard) जैसी दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं।
फूलों की घाटी प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1: फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान कहाँ स्थित है?
उत्तर: चमोली जिला, उत्तराखंड।
प्रश्न 2: यह किस बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है?
उत्तर: नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व।
6. जलवायु प्रभाव: चादर ट्रेक स्थगित
बदलते मौसम के पैटर्न के सीधे संकेत के रूप में, लद्दाख में जमी हुई ज़ांस्कर नदी पर होने वाला प्रसिद्ध 'चादर ट्रेक' (Chadar Trek) स्थगित कर दिया गया है। नदी पर बर्फ का निर्माण सुरक्षित ट्रेकिंग के लिए अपर्याप्त पाया गया, जिससे दुनिया भर के साहसिक उत्साही निराश हैं।
ज़ांस्कर नदी का भूगोल
- बहाव: यह पूरी तरह से लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के भीतर बहती है।
- संगम: यह सिंधु नदी की एक प्रमुख बाएं किनारे की सहायक नदी है। ये दोनों नदियाँ लद्दाख में निम्मू (Nimmu) के पास मिलती हैं।
- परिदृश्य: नदी ने खड़ी और राजसी ज़ांस्कर गॉर्ज का निर्माण किया है। सर्दियों में, सतह जम कर बर्फ की एक चादर बनाती है, जिसे 'चादर' कहा जाता है। ऐतिहासिक रूप से यह सर्दियों में स्थानीय लोगों के लिए एकमात्र व्यापार मार्ग हुआ करता था।
ज़ांस्कर नदी प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1: ज़ांस्कर नदी किस प्रमुख नदी की सहायक नदी है?
उत्तर: सिंधु नदी।
प्रश्न 2: ज़ांस्कर नदी सिंधु नदी से किस स्थान पर मिलती है?
उत्तर: निम्मू, लद्दाख।
7. अंतरिक्ष: आर्टेमिस II मिशन (Artemis II Mission)
नासा एक ऐतिहासिक पल के लिए तैयार हो रहा है। एजेंसी आर्टेमिस II मिशन के साथ फरवरी 2026 की शुरुआत में ही इंसानों को चंद्रमा के चारों ओर भेजने की राह पर है। यह चंद्र अन्वेषण में एक महत्वपूर्ण वापसी का प्रतीक है।
- मिशन: आर्टेमिस II नासा के ओरियन अंतरिक्ष यान (Orion spacecraft) का पहला मानवयुक्त मिशन होगा। यह चंद्रमा के पास से उड़ान भरेगा (Lunar Flyby) और पृथ्वी पर वापस आएगा।
- महत्व: 1972 के अपोलो 17 मिशन के बाद यह पहला मिशन है जो मनुष्यों को चंद्रमा के पास ले जाएगा।
- क्रू: इसमें चार अंतरिक्ष यात्री सवार होंगे, जो भविष्य के मिशनों द्वारा लैंडिंग के प्रयास से पहले ओरियन कैप्सूल की जीवन रक्षक प्रणालियों (Life support systems) का परीक्षण करेंगे।
आर्टेमिस II मिशन प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1: कौन सा मिशन 1972 के बाद पहली बार मनुष्यों को चंद्रमा के पास ले जाएगा?
उत्तर: आर्टेमिस II मिशन।
प्रश्न 2: कौन सा अंतरिक्ष यान चालक दल को ले जाएगा?
उत्तर: ओरियन अंतरिक्ष यान (Orion spacecraft)।
आज का विस्तृत विश्लेषण यहीं समाप्त होता है। लद्दाख की जमी हुई नदियों से लेकर अंतरिक्ष की सीमाओं तक, सूचित रहना ही सफलता की कुंजी है। अपनी पढ़ाई जारी रखें!
