दैनिक करेंट अफेयर्स: अर्थव्यवस्था, तकनीक और शासन
📅 तारीख: 1 फरवरी 2026 (रविवार)
आज के विस्तृत विश्लेषण में आपका स्वागत है। आज हम भारत के बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ी पहल, बिहार में खाद्य वितरण में तकनीकी क्रांति, अरब जगत के भू-राजनीतिक संगठन और भारत की प्रमुख पोषण योजना पर चर्चा करेंगे। आइए इन महत्वपूर्ण खबरों को विस्तार से समझें।
1. बैंकिंग और अर्थव्यवस्था: 'चक्र' (CHAKRA) - सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
भारत के सबसे बड़े ऋणदाता, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 'चक्र' (CHAKRA) नामक एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) लॉन्च किया है। यह पहल भारत के आर्थिक परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण 'सनराइज सेक्टर्स' (Sunrise Sectors) को वित्तपोषित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
'चक्र' का उद्देश्य क्या है?
इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य अगली पीढ़ी के, प्रौद्योगिकी-नेतृत्व वाले और स्थिरता-केंद्रित उद्योगों के लिए फंडिंग की सुविधा प्रदान करना है। जैसे-जैसे भारत $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नए जमाने के उद्योगों को पूंजी की आवश्यकता है।
'चक्र' विशेष रूप से आठ सनराइज सेक्टर्स पर ध्यान केंद्रित करता है। सनराइज सेक्टर एक ऐसा उद्योग है जो अभी अपनी प्रारंभिक अवस्था में है लेकिन जिसमें तेजी से विकास की संभावना है। उदाहरण के लिए:
- नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और बैटरी तकनीक।
- इलेक्ट्रिक वाहन (EVs)।
- ग्रीन हाइड्रोजन।
- उन्नत एआई और सेमीकंडक्टर।
महत्व
यह कदम भारत को जलवायु वित्त (Climate Finance) और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को पूरा करने में मदद करेगा। एसबीआई की यह पहल यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य की तकनीकों को पूंजी की कमी का सामना न करना पड़े।
'चक्र' (CHAKRA) प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1: 'चक्र' - सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्या है?
उत्तर: यह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा भारत के आर्थिक परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण सनराइज सेक्टर्स को वित्तपोषित करने के लिए शुरू किया गया एक केंद्र है।
प्रश्न 2: इसका प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
उत्तर: अगली पीढ़ी के, प्रौद्योगिकी-नेतृत्व वाले और स्थिरता-केंद्रित उद्योगों के लिए फंडिंग की सुविधा प्रदान करना।
प्रश्न 3: इसके तहत कितने सनराइज सेक्टर्स शामिल हैं?
उत्तर: 'चक्र' आठ प्रमुख सनराइज सेक्टर्स पर केंद्रित है।
2. खाद्य सुरक्षा और तकनीक: बिहार में 'ग्रेन एटीएम' (Grain ATM)
बिहार सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए पटना में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तीन 'ग्रेन एटीएम' (Grain ATM) मशीनें स्थापित करने की मंजूरी दी है। इस कदम का उद्देश्य राशन वितरण में पारदर्शिता लाना और "घटतौली" (कम राशन तौलना) की समस्या को समाप्त करना है।
ग्रेन एटीएम क्या है?
इसे 'अन्नपूर्ति' (Annapurti) के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है "अनाज प्रदाता"। यह एक स्वचालित मशीन है जो ठीक उसी तरह काम करती है जैसे बैंक का एटीएम पैसे निकालता है, बस यहाँ पैसे की जगह गेहूं या चावल निकलता है।
- तकनीक: इसे विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने विकसित किया है और यह भारतीय खाद्य निगम (FCI) के सहयोग से काम करता है।
- क्षमता: यह मशीन मात्र 5 मिनट में 50 किलो अनाज वितरित कर सकती है, जिससे लंबी कतारों की समस्या खत्म हो जाएगी।
- ऊर्जा: ये मशीनें सौर ऊर्जा से भी चल सकती हैं और 24x7 काम कर सकती हैं।
यह कैसे काम करता है?
- लाभार्थी को अपना राशन कार्ड या आधार कार्ड से जुड़ा 'ग्रेन एटीएम कार्ड' स्वाइप करना होता है।
- इसके बाद आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (अंगूठा या आंख स्कैन) होता है।
- सफल प्रमाणीकरण के बाद, लाभार्थी अनाज की मात्रा चुनता है।
- मशीन अनाज वितरित करती है और रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है।
3. अंतर्राष्ट्रीय संबंध: अरब लीग (Arab League)
मध्य पूर्व की राजनीति में अरब लीग एक महत्वपूर्ण संगठन है। यह अरबी भाषी देशों का एक स्वैच्छिक संघ है जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना है।
गठन और इतिहास
- स्थापना: इसका गठन 22 मार्च 1945 को काहिरा (मिस्र) में हुआ था।
- संस्थापक सदस्य (6): मिस्र, इराक, ट्रांसजॉर्डन (अब जॉर्डन), लेबनान, सऊदी अरब और सीरिया। यमन 5 मई 1945 को शामिल हुआ।
- मुख्यालय: काहिरा, मिस्र।
- वर्तमान सदस्य: वर्तमान में इसके 22 सदस्य देश हैं।
भारत और अरब लीग
भारत के अरब जगत के साथ ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं। भारत को अरब लीग में पर्यवेक्षक सदस्य (Observer Member) का दर्जा प्राप्त है। ब्राजील, इरिट्रिया और वेनेजुएला अन्य पर्यवेक्षक देश हैं। यह संगठन ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और प्रवासी भारतीयों के कल्याण के लिए भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
4. संयुक्त राष्ट्र: सामाजिक विकास आयोग (CSocD)
संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग (Commission for Social Development), संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) का एक कार्यात्मक आयोग है।
- उद्देश्य: यह आयोग सामाजिक विकास के मुद्दों पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। इसमें सामाजिक समावेशन, समानता, गरीबी उन्मूलन और कल्याणकारी नीतियां शामिल हैं।
- बैठकें: CSocD की बैठक हर साल फरवरी में न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में होती है।
- इतिहास: इसे पहले 'सोशल कमीशन' (Social Commission) के नाम से जाना जाता था।
5. सरकारी योजना: पीएम-पोषण (PM-POSHAN) योजना
स्कूली बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए भारत सरकार की यह सबसे महत्वाकांक्षी योजना है। इसे पहले 'मिड-डे मील योजना' (Mid-Day Meal Scheme) के नाम से जाना जाता था।
योजना का विवरण
- कार्यान्वयन: यह शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा लागू की जाने वाली एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
- कवरेज: यह देश भर में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बालवाटिका (प्री-प्राइमरी) से कक्षा 8 तक पढ़ने वाले सभी बच्चों को कवर करती है।
- उद्देश्य: लिंग और सामाजिक वर्ग के भेदभाव के बिना, हर स्कूल के दिन बच्चों को एक समय का गर्म पका हुआ भोजन (Hot Cooked Meal) प्रदान करना।
पोषण संबंधी मानदंड (Nutritional Norms)
| श्रेणी | दालें | सब्जियां | तेल/वसा |
|---|---|---|---|
| बालवाटिका और प्राथमिक (1-5) | 20 ग्राम | 50 ग्राम | 5 ग्राम |
| उच्च प्राथमिक (6-8) | 30 ग्राम | 75 ग्राम | 7.5 ग्राम |
फंडिंग पैटर्न (Funding Pattern)
- सामान्य राज्य: 60:40 (केंद्र:राज्य)।
- पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य: 90:10 (केंद्र:राज्य)।
- केंद्र शासित प्रदेश (बिना विधायिका): 100% केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित।
पीएम-पोषण योजना प्रश्नोत्तरी
प्रश्न 1: पीएम-पोषण योजना का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
उत्तर: स्कूल जाने वाले बच्चों को गर्म पका हुआ मध्याह्न भोजन (mid-day meal) प्रदान करना और कुपोषण से लड़ना।
प्रश्न 2: पीएम-पोषण योजना का पुराना नाम क्या है?
उत्तर: मिड-डे मील योजना (Mid-Day Meal Scheme)।
आज का विश्लेषण यहीं समाप्त होता है। बैंकिंग सुधारों से लेकर सामाजिक कल्याण तक, ये विषय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अपनी तैयारी जारी रखें!
