दैनिक करेंट अफेयर्स विश्लेषण
📅 तारीख: 21 फरवरी 2026 (शनिवार)
आज के विस्तृत समाचार विश्लेषण में आपका स्वागत है। 21 फरवरी 2026 के करेंट अफेयर्स में हम भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में एक बड़ी छलांग, यूरोपीय संघ के साथ मजबूत होते संबंधों, केरल के अभिनव आपदा प्रबंधन, और कृषि एवं भूगोल से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। यह विश्लेषण यूपीएससी, राज्य पीसीएस, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है।
1. रक्षा और सुरक्षा (Defence & Security)
चेन्नई में भारत का पहला स्वदेशी कैडेट प्रशिक्षण जहाज 'कृष्णा' लॉन्च
भारतीय नौसेना के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए, फरवरी 2026 में चेन्नई के कट्टुपल्ली में एलएंडटी (L&T) शिपयार्ड में देश का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित कैडेट प्रशिक्षण जहाज (Cadet Training Ship - CTS) 'कृष्णा' लॉन्च किया गया।
- निर्माता: यह जहाज लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा निर्मित किया जा रहा है। यह रक्षा मंत्रालय के साथ किए गए अनुबंध के तहत भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे तीन कैडेट प्रशिक्षण जहाजों में से पहला है। निजी क्षेत्र की भागीदारी 'मेक इन इंडिया' पहल की सफलता को दर्शाती है।
- नामकरण: इस जहाज का नाम भारत की सबसे लंबी और प्रमुख नदियों में से एक, कृष्णा नदी के नाम पर रखा गया है। नौसेना में जहाजों का नामकरण अक्सर नदियों, पर्वतों या ऐतिहासिक योद्धाओं के नाम पर होता है।
- क्षमता: 'कृष्णा' एक पूरी तरह से सुसज्जित सेल ट्रेनिंग और मोटर चालित जहाज है। यह प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए 150 कैडेटों और अधिकारियों को समायोजित करने में सक्षम है।
- लॉन्च समारोह: परंपरा के अनुसार, जहाज का शुभारंभ एक महिला द्वारा किया जाता है। इसे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान की पत्नी अनुपमा चौहान द्वारा लॉन्च किया गया।
रणनीतिक महत्व: कैडेट प्रशिक्षण जहाज नौसेना के भविष्य के अधिकारियों को समुद्र में जीवन, नेविगेशन और युद्ध कौशल का पहला अनुभव प्रदान करते हैं। अब तक भारत को प्रशिक्षण जहाजों के लिए विदेशी डिजाइनों या पुराने जहाजों पर निर्भर रहना पड़ता था। स्वदेशी सीटीएस का निर्माण न केवल विदेशी मुद्रा बचाता है बल्कि भारत की जहाज निर्माण क्षमताओं को भी प्रदर्शित करता है। यह जहाज महिला कैडेटों के प्रशिक्षण के लिए भी अनुकूलित है, जो सेना में लैंगिक समानता की दिशा में एक कदम है।
2. अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations)
यूरोपीय संघ ने भारत में अपना पहला 'लीगल गेटवे' कार्यालय खोला
प्रवासन और गतिशीलता (Migration and Mobility) को सुगम बनाने के लिए, यूरोपीय संघ (EU) ने नई दिल्ली में अपने पहले 'यूरोपीय लीगल गेटवे ऑफिस' (European Legal Gateway Office) का उद्घाटन किया है। यह किसी भागीदार देश में यूरोपीय संघ द्वारा खोली गई अपनी तरह की पहली सुविधा है।
- उद्देश्य: यह कार्यालय भारतीय छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों—विशेष रूप से सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) क्षेत्र में—के लिए यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में कानूनी और पारदर्शी गतिशीलता की सुविधा प्रदान करेगा।
- वन-स्टॉप हब: यह सभी 27 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में काम, अध्ययन और शोध के अवसरों के लिए कानूनी मार्गों पर स्पष्ट और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने वाले 'वन-स्टॉप हब' के रूप में कार्य करेगा।
- फोकस क्षेत्र: यह पहल भारतीय प्रतिभाओं को पात्रता मानदंड, कौशल और योग्यता आवश्यकताओं पर मार्गदर्शन करके समर्थन देगी।
पृष्ठभूमि और विश्लेषण: यूरोप की जनसंख्या तेजी से वृद्ध हो रही है और वहां कुशल कार्यबल की कमी है, जबकि भारत के पास एक युवा और कुशल जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) है। यह कार्यालय 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में अपनाए गए 'भारत-ईयू रणनीतिक एजेंडा' के तहत व्यापक सहयोग का हिस्सा है। यह अवैध प्रवासन (Illegal Migration) को हतोत्साहित करने और कानूनी रास्तों (Legal Pathways) जैसे 'ब्लू कार्ड' (Blue Card) को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
3. पर्यावरण और आपदा प्रबंधन (Environment & Disaster Management)
केरल ने 'ज्वारीय बाढ़' को 'राज्य-विशिष्ट आपदा' घोषित किया
जलवायु-संवेदनशील नीति निर्माण में एक अग्रणी कदम उठाते हुए, केरल सरकार ने ज्वारीय बाढ़ (Tidal Flooding) को 'राज्य-विशिष्ट आपदा' (State-Specific Disaster) घोषित किया है। यह निर्णय तटीय समुदायों के लिए राहत कार्यों में एक बड़ा बदलाव लाएगा।
इसे 'सनी डे फ्लडिंग' (Sunny Day Flooding) या 'न्यूसेंस फ्लडिंग' (Nuisance Flooding) भी कहा जाता है। यह तब होता है जब उच्च ज्वार (High Tide) के दौरान समुद्र का जल स्तर स्थानीय सीमा से ऊपर उठ जाता है। इसके लिए तूफान या भारी बारिश का होना जरूरी नहीं है; यह केवल समुद्र के बढ़ते स्तर और ज्वार के कारण होता है।
केरल का संदर्भ: एर्नाकुलम (कोच्चि), अलाप्पुझा और त्रिशूर जैसे तटीय जिलों में, समुद्र का पानी दिन में दो बार बैकवाटर और जल निकासी प्रणालियों के माध्यम से घरों और दुकानों में घुस जाता है। इससे पुरानी जलभराव की समस्या होती है, दीवारों में सीलन आती है और आजीविका प्रभावित होती है।
नीतिगत बदलाव का महत्व: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत, मानक राहत कोष का उपयोग "नियमित" ज्वारीय घटनाओं के लिए नहीं किया जा सकता था क्योंकि इसे 'प्राकृतिक आपदा' नहीं माना जाता था। इसे 'राज्य-विशिष्ट आपदा' घोषित करके, सरकार अब घर की मरम्मत और आजीविका के नुकसान के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से वित्तीय सहायता प्रदान कर सकती है। यह निर्णय सेंडाई फ्रेमवर्क (Sendai Framework) के अनुरूप है, जो आपदा जोखिम कम करने पर केंद्रित है।
4. कृषि और अर्थव्यवस्था (Agriculture & Economy)
नेफेड (NAFED): किसानों की विपणन रीढ़
भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) अक्सर समाचारों में रहता है, विशेष रूप से जब सरकार को दालों या प्याज की खरीद करनी होती है।
- परिचय: यह भारत में कृषि उपज के लिए विपणन सहकारी समितियों का एक शीर्ष संगठन है।
- स्थापना: इसकी स्थापना 2 अक्टूबर 1958 (गांधी जयंती) को की गई थी।
- उद्देश्य: इसका मुख्य कार्य पूरे देश में कृषि उपज और वन संसाधनों के व्यापार को बढ़ावा देना है। यह किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में मदद करता है।
- पंजीकरण: यह बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम (Multi State Co-operative Societies Act) के तहत पंजीकृत है।
- मुख्यालय: नई दिल्ली। इसके दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में चार क्षेत्रीय कार्यालय भी हैं।
कार्य: नेफेड 'ऑपरेशन ग्रीन्स' (टमाटर, प्याज, आलू) के तहत मूल्य स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर तिलहन और दालों की खरीद के लिए एक नोडल एजेंसी भी है।
5. विज्ञान और स्वास्थ्य (Science & Health)
पनामा रोग: 'केले का कैंसर'
पनामा रोग (Panama Disease), जिसे फ्यूजेरियम विल्ट (Fusarium Wilt) भी कहा जाता है, केले की फसल के लिए दुनिया का सबसे विनाशकारी रोग है।
- कारण: यह मिट्टी में रहने वाले कवक (फंगस) प्रजाति Fusarium oxysporum f. sp. cubense के कारण होता है। यह फंगस मिट्टी में कई वर्षों तक जीवित रह सकता है।
- प्रभावित किस्म: यह मुख्य रूप से कैवेंडिश (Cavendish) किस्म या G9 केले की खेती को प्रभावित करता है। ध्यान रहे कि कैवेंडिश दुनिया में सबसे ज्यादा उगाया जाने वाला और निर्यात किया जाने वाला केला है।
- प्रसार: फंगस भूमिगत रहता है और जड़ों के माध्यम से पौधे को संक्रमित करता है। यह संक्रमण पानी और आवश्यक पोषक तत्वों को पौधे के बाकी हिस्सों तक पहुंचने से रोक देता है, जिससे पौधा सूखकर मर जाता है।
- उपनाम: इसकी घातकता के कारण इसे कभी-कभी 'बनाना कैंसर' (Banana Cancer) भी कहा जाता है।
प्रश्न 1: Td टीका किससे सुरक्षा प्रदान करता है?
उत्तर: टिटनेस (Tetanus) और डिप्थीरिया (Diphtheria)। इसे अक्सर चोट लगने के बाद दिया जाता है।
प्रश्न 2: Td बूस्टर की सिफारिश कितनी बार की जाती है?
उत्तर: हर 10 साल में एक बार, ताकि वयस्कों में प्रतिरक्षा बनी रहे।
6. विश्व भूगोल (World Geography)
ब्राजील (Brazil): दक्षिण अमेरिका का विशालकाय देश
ब्राजील दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा देश है और ब्रिक्स (BRICS) में भारत का एक महत्वपूर्ण भागीदार है। आगामी परीक्षाओं के लिए इसके भौगोलिक तथ्य महत्वपूर्ण हैं।
- स्थान: दक्षिण अमेरिका का मध्य-पूर्वी भाग। यह महाद्वीप के लगभग आधे भूभाग पर कब्जा करता है।
- सीमाएं: यह चिली और इक्वाडोर को छोड़कर सभी दक्षिण अमेरिकी देशों के साथ अपनी सीमा साझा करता है। इसकी सीमाएं अर्जेंटीना, पैराग्वे, बोलीविया, पेरू, कोलंबिया, वेनेजुएला, गुयाना, सूरीनाम और फ्रेंच गुयाना से लगती हैं।
- जल निकाय: यह पूर्व में अटलांटिक महासागर से घिरा है।
- अक्षांश: भूमध्य रेखा (Equator) और मकर रेखा (Tropic of Capricorn) दोनों इस देश से होकर गुजरती हैं।
- राजधानी: ब्रासीलिया (Brasilia)।
प्रमुख भौगोलिक विशेषताएं:
- अमेज़न बेसिन: यह दुनिया का सबसे बड़ा नदी बेसिन है, जो ब्राजील सहित कई देशों में फैला है। यह अमेज़न वर्षावन का घर है, जिसे "पृथ्वी के फेफड़े" कहा जाता है।
- उच्चतम चोटी: पिको दा नेब्लिना (Pico da Neblina - 2,999 मीटर)।
- नदियाँ: अमेज़न (दुनिया की सबसे बड़ी नदी आयतन के हिसाब से), साओ फ्रांसिस्को और इगाकु नदी।
- संसाधन: ब्राजील लौह अयस्क, टिन, तांबा, और बॉक्साइट का प्रमुख उत्पादक है। यह दुनिया का सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक भी है।
यह इस दिन का विस्तृत विश्लेषण था। जहाज निर्माण में आत्मनिर्भरता से लेकर केरल के तटीय प्रबंधन तक, ये विषय आपकी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। अपनी तैयारी जारी रखें!
